गर्मियों का मौसम आते ही चिलचिलाती धूप, पसीना और लू हमारे शरीर को बेहाल करने लगते हैं। इस मौसम में न केवल शरीर का तापमान बढ़ जाता है, बल्कि पाचन तंत्र कमजोर होना, थकान, चिड़चिड़ापन और डिहाइड्रेशन (Dehydration) जैसी समस्याएं भी आम हो जाती हैं।

अक्सर लोग सोचते हैं कि गर्मियों में हैवी वर्कआउट या एक्सरसाइज करने से थकान और बढ़ जाएगी। ऐसे में योग (Yoga) आपके लिए सबसे बेहतरीन और प्राकृतिक उपाय है। योग न केवल आपके शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है।

इस लेख में हम आपको गर्मियों के 5 सबसे बेस्ट योग और प्राणायाम के बारे में बताएंगे, जो आपको इस सीजन में कूल, एक्टिव और एनर्जेटिक रखेंगे।


गर्मियों में योग करने के फायदे (Benefits of Summer Yoga)

गर्मियों के मौसम में सही योगासनों का चुनाव करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं:

  • शारीरिक तापमान नियंत्रित रहता है: कुछ खास प्राणायाम और आसन शरीर की अतिरिक्त गर्मी (पित्त) को बाहर निकालते हैं।
  • पाचन क्रिया दुरुस्त होती है: गर्मियों में अक्सर भूख कम लगती है या पेट खराब होता है, योग इससे राहत दिलाता है।
  • त्वचा पर ग्लो आता है: पसीने और योग के कॉम्बिनेशन से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिससे स्किन साफ होती है।
  • तनाव और थकान से मुक्ति: गर्मी के कारण होने वाले सिरदर्द और आलस को दूर करने में योग बेहद मददगार है।

गर्मियों के लिए टॉप 5 योग और प्राणायाम (Top 5 Yoga and Pranayama for Summer)

यहाँ 5 ऐसे योगासन और प्राणायाम दिए गए हैं जिन्हें आपको अपनी समर रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए:

1. शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayama – Cooling Breath)

जैसा कि इसके नाम से ही साफ है, ‘शीतली’ का मतलब है ठंडा करने वाला। यह प्राणायाम गर्मियों के लिए सबसे अचूक उपाय माना जाता है। यह शरीर के तापमान को तुरंत कम करने में मदद करता है।

  • करने का तरीका: 1. किसी शांत और आरामदायक मुद्रा (जैसे सुखासन) में बैठ जाएं। 2. अपनी जीभ को बाहर निकालें और इसे दोनों तरफ से मोड़कर एक ट्यूब या पाइप जैसा आकार दें। 3. अब इस मुड़ी हुई जीभ के जरिए गहरी सांस अंदर खींचें। आपको मुंह में ठंडक का अहसास होगा। 4. सांस पूरी भरने के बाद मुंह बंद करें और नाक के जरिए धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें।
  • फायदे: यह शरीर को तुरंत कूलिंग इफेक्ट देता है, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और अत्यधिक प्यास लगने की समस्या को कम करता है।

2. शशकासन (Shashankasana – Hare Pose)

शशकासन को ‘शशक’ यानी खरगोश की मुद्रा भी कहा जाता है। यह आसन पेट के अंगों को आराम देने और शरीर को शांत करने के लिए बहुत बढ़िया है।

  • करने का तरीका:
    1. सबसे पहले वज्रासन (घुटनों के बल) की मुद्रा में बैठ जाएं।
    2. सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं।
    3. अब सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें, जब तक कि आपकी हथेलियां और सिर जमीन को न छू लें।
    4. कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। फिर धीरे-धीरे वापस आ जाएं।
  • फायदे: यह आसन पेट की गर्मी को शांत करता है, पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और गर्मियों में होने वाले स्ट्रेस व गुस्से को कम करता है।

3. भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama – Humming Bee Breath)

गर्मियों के दिनों में उमस और पसीने के कारण कई लोगों को नींद न आने (Insomnia) और चिड़चिड़ेपन की समस्या हो जाती है। भ्रामरी प्राणायाम दिमाग को शांत करने का सबसे अच्छा तरीका है।

  • करने का तरीका:
    1. रीढ़ की हड्डी को सीधा करके बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें।
    2. अपनी तर्जनी उंगली (Index Finger) को कानों के अंगूठे के पास वाले हिस्से पर रखें और कानों को बंद करें।
    3. गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए मुंह बंद रखकर मधुमक्खी की तरह “मूं…” (Humming) की आवाज निकालें।
    4. इस प्रक्रिया को 5 से 7 बार दोहराएं।
  • फायदे: यह नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है, सिरदर्द से राहत देता है और गर्मियों में मानसिक थकान को दूर भगाता है।

4. बद्ध कोणासन (Baddha Konasana – Butterfly Pose)

गर्मियों में भारी एक्सरसाइज करने से शरीर जल्दी थक जाता है, लेकिन बद्ध कोणासन एक ऐसा लाइट और प्रभावी आसन है जो बिना थकाए शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है।

  • करने का तरीका:
    1. जमीन पर सीधे बैठ जाएं और पैरों को सामने फैला लें।
    2. अब घुटनों को मोड़ते हुए दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिला लें।
    3. अपने हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ें और एड़ियों को जितना हो सके शरीर के पास लाएं।
    4. अब तितली के पंखों की तरह अपने घुटनों को ऊपर-नीचे करें।
  • फायदे: यह शरीर के निचले हिस्से में लचीलापन लाता है, तनाव दूर करता है और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।

5. शवासन (Savasana – Corpse Pose)

अपने योग सत्र (Yoga Session) को हमेशा शवासन के साथ समाप्त करना चाहिए, खासकर गर्मियों में। यह आसन शरीर को पूरी तरह से रीचार्ज और रिलैक्स कर देता है।

  • करने का तरीका:
    1. पीठ के बल सीधे लेट जाएं और पैरों के बीच एक से डेढ़ फीट की दूरी रखें।
    2. हाथों को शरीर से थोड़ा दूर रखें और हथेलियां आसमान की तरफ खुली रहें।
    3. आंखें बंद करें और अपना पूरा ध्यान अपनी आती-जाती सांसों पर लगाएं। शरीर के किसी भी हिस्से में तनाव न रखें।
    4. इस मुद्रा में 5-10 मिनट तक रहें।
  • फायदे: यह शरीर के तापमान और दिल की धड़कन को सामान्य स्तर पर लाता है। यह थकी हुई मांसपेशियों को तुरंत आराम पहुंचाता है।

गर्मियों में योग करते समय बरतने वाली सावधानियां (Summer Yoga Tips & Precautions)

गर्मियों में योग का पूरा लाभ उठाने के लिए इन जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है:

  • समय का चुनाव: योग हमेशा सुबह सूर्योदय के समय या शाम को सूरज ढलने के बाद ही करें। दोपहर की तेज धूप या गर्मी में योग करने से बचें।
  • खाली पेट करें: योग हमेशा खाली पेट या खाना खाने के कम से कम 3-4 घंटे बाद ही करना चाहिए।
  • सही जगह: योग करने के लिए खुली, हवादार और ठंडी जगह का चुनाव करें। बंद या गर्म कमरे में योग न करें।
  • हाइड्रेशन: योग शुरू करने से आधा घंटा पहले थोड़ा पानी पी लें। योग के तुरंत बाद बहुत ठंडा या फ्रिज का पानी पीने से बचें, सामान्य तापमान का पानी ही पिएं।
  • ढीले कपड़े: इस मौसम में योग के लिए सूती (Cotton) और ढीले-ढाले कपड़े ही पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके।

निष्कर्ष (Conclusion)

गर्मियों का मौसम भले ही अपने साथ तेज धूप और उमस लेकर आता है, लेकिन यदि आप अपनी दिनचर्या में इन 5 आसान योग और प्राणायामों को शामिल करते हैं, तो आप इस मौसम का पूरा आनंद ले सकते हैं। शीतली प्राणायाम आपके शरीर को अंदर से एअर कंडीशनर (AC) जैसी ठंडक देगा, वहीं शशकासन और शवासन आपके मानसिक संतुलन को बनाए रखेंगे।

तो देर किस बात की? कल सुबह से ही अपने योग मैट को निकालिए और एक स्वस्थ व कूल समर की शुरुआत कीजिए!


Disclaimer: यदि आपको कोई गंभीर शारीरिक समस्या, रीढ़ की हड्डी में दर्द या हाई ब्लड प्रेशर की पुरानी बीमारी है, तो किसी विशेषज्ञ या योग गुरु की देखरेख में ही इन आसनों का अभ्यास करें।

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. FitFab इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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